रोजी – रोटी के लिए
घर से दूर गए बच्चों के
आते है फोन
बात करना चाहते है
उनकी माँ से
बतियाते हैं घर की
बाहर की भीतर की
लेते है तरह – तरह के
विगतवार समाचार
आह्ल्हादित होते है
सितम्बर लग गया
कुरजां का हो गया आगमन
राजस्थान के ताल तलैयाओ के किनारे
आई है कुरजां
छोडकर अपने बर्फीले प्रदेश
चले गए है जैसे हमारे बच्चे
छोड़कर अपना
देश-प्रदेश I
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